• अब केवल 100 मीटरे बेरिकेडिंग, पहले 500 मीटर का दायरा रहता था सील
  • मार्च में 5, अप्रैल में 1 और मई में 5 केस जून के 13 दिनों में 107 पॉजिटिव मिले

Sunday,14 June,2020

रायपुर | शहर के 33 इलाकों को केवल 13 दिनों में कोरोना मरीज मिलने के कारण कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील किया जा चुका है। इनमें से 9 जगह से नाकेबंदी हटा दी गई लेकिन 24 इलाकों में अभी भी सील है। राजधानी में पिछले तीन महीने में केवल 11 मरीज मिले थे, लेकिन जून के 13 दिनों में ही 107 मरीज मिल गए। जहां जहां मरीज मिलते गए उस इलाके को सील किया जाने लगा। रोज औसतन 2 इलाकों को कंटेनमेंट जोन घाेषित किया जा रहा है।

अब संख्या इतनी बढ़ गई है कि भले ही इलाकों को सील किया जा रहा है, लेकिन सख्ती कम हो गई है। एक-दो केस मिलने के बाद जहां पांच-पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले पूरे इलाके को बंद किया जा रहा था, वहीं अब ये सीमा घटकर 100 मीटर तक पहुंच गई है। शुक्रवार और शनिवार को तो केवल वही सड़क या गली सील की गई, जहां संक्रमित मिले हैं।

गोलाकार दायरे को सील करना भी बंद कर दिया गया है। लॉकडाउन के दौरान करीब डेढ़ महीने में रायपुर में समता कॉलोनी 18 मार्च को पहला।  में पहला कोरोना मरीज मिला था। इसलिए शुरुआत में केवल एक-दो एरिया को कंटेनमेंट जोन बनाया गया।लेकिन जैसे-जैसे लॉकडाउन में छूट मिली मरीजों की संख्या बढ़ती गई।

केवल 30 दिनों में राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या करीब 33 हो गई है। अभी शहर के 23 वार्डों में कंटेनमेंट जोन बने हुए हैं। जहां-जहां मरीज मिल रहे हैं उन सभी इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा रहा है। सख्ती भी कम की जा रही है।

पहले लॉकडाउन इलाके में 14 दिनों तक किसी को न तो एंट्री दी जा रही थी और न ही किसी को बाहर निकलने दिया जा रहा था। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी को घर में रहने के लिए लॉक कर दिया गया था। फिलहाल अब वैसी सख्ती नहीं की जा रही है।

01. सड्‌डू
02. फाफडीह (2)
03. चांगोरा भाटा (2)
04. देवेंद्र नगर
05. देवपुरी  (3)
06. न्यू राजेंद्र नगर
07. गुढ़ियारी (3)
08. कबीर नगर (2)
09. मोवा
10. तेलीबांधा
11. टिकरापारा
12. हीरापुर
13. सुंदर नगर
14. डब्ल्यू आर एस
15. संतोषी नगर
16. शंकर नगर
17. टाटीबंध (2)
18. आमा शिवनी

रविग्राम तेलीबांधा  : नहीं पहुंच रहा घरों में राशन काम पर भी नहीं जा पा रहे कंटेनमेंट जोन में निगम की राशन सुविधा लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रही है। अफसर लोगों से कह रहे हैं कि वे ऑनलाइन सब्जी का ऑर्डर दें। इससे पहले कंटेनमेंट जोन के बीपीएल परिवारों को राशन और भोजन पहुंचाकर दिया जा रहा था। कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ने के बाद इस सिस्टम को भी अचानक बदल दिया गया। इलाके में कम आय वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है।

कंचन विहार, आमानाका : बेरीकेड अपार्टमेंट के बाहर आना-जाना कर रहे लोग

आमानाका के कंचन विहार अपार्टमेंट के सामने बैरिकेडिंग की गई है। इस अपार्टमेंट के लोगों को बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने दिया जा रहा है। प्रगति नगर में भी बेरीकेडिंग की गई है, लेकिन नाम की। वहां दूध, सब्जी, फल वाले भी आना-जाना कर रहे हैं। पुलिस की सख्ती लगभग खत्म हो गई है। पुराने बने कंटेनमेंट जोन की तरह अब कही भी सख्ती नहीं की जा रही है।

लोगों के फोन दिनभर, लेकिन जवाब कम ही को 

कंटेनमेंट जोन में लोगों की सुविधा के लिए अफसरों के फोन नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। लोगों की शिकायत है कि कई बार फोन करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही हेल्पलाइन नंबर पर सैकड़ों कॉल आते हैं। लोगों को रिस्पांस नहीं मिलने की वजह से वे कंटेनमेंट जोन से खुद ही आना-जाना कर रहे हैं। इधर दूसरी ओर अफसरों का कहना है कि कंटेनमेंट जोन में जरूरी चीजों के लिए रियायतें दी जा रही हैं, इसलिए किसी को कोई खास परेशानी नहीं हो रही है।

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