देश में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। ऐसे में दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर वापस जाना चाहते हैं। इसके लिए सरकार ने ‘श्रमिक एक्सप्रेस’ चलाई हैं। जिसकी मदद से इस मजदूरों को उनके राज्य वापस भेजा जा रहा है। लेकिन इसे लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। विपक्षी दल और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मुसीबत की इस घड़ी में स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले मजदूरों से किराया वसूल किया गया है। इसे लेकर सरकार की आलोचना हो रही है। वहीं रेलवे का कहना है कि ‘श्रमिक ट्रेनों’ के टिकट बेचे ही नहीं गए है।

वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त ने एक ऑडियो टेप ट्वीट किया है। यह ऑडियो यूट्यूब चैनल मोजो का है, जिसमें एक शख्स अपने आप को प्रवासी मजदूर बता रहा है और उसने दावा किया है कि मजदूरों से किराया लिया गया है और उससे भी 800 रुपए मांगे गए थे। इस ऑडियो में खुद को मजदूर बताने वाला शख्स कहता है कि वह भिवंडी से गोरखपुर की ट्रेन से नहीं जा पाया है क्योंकि उसके पास किराया देने के पैसे नहीं थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या आपसे टिकट का पैसा मांगा गया था? इसपर उन्होंने कहा “जी मेरे से 800 रुपये मांगे गए थे मेरे पास नहीं थे तो वापस आ गया।”

शख्स ने बताया कि जिन साथियों के पास पैसा था वे लोग निकाल गए और जिनके पास पैसे नहीं थे हम सब वापस लौट आए। जब पूछा गया कि आप कितने लोग हैं। इसपर शख्स ने कहा “हम लोग 50 आदमी हैं जो यहां फंसे हुए हैं। शख्स ने बताया कि महानगरपालिका के अधिकारी खड़े थे वे हम लोगों से पैसा ले रहे थे। लेकिन टिकट नहीं दे रहे थे। सूरत भास्कर अखबार के मुताबिक सूरत से गई 9 ट्रेनों 10800 श्रमिकों से 76 लाख रूपाय वसूले गए हैं।

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