बलरामपुर 18 मई 2020

कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रभाव तथा जारी लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों का अपने राज्यों की ओर वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। छत्तीसगढ़ की सीमाएं विभिन्न राज्यों से जुड़ी है तथा मजदूर इन रास्तों से भी वापस लौट रहें हैं। मजदूरों को लम्बी दूरी की यात्राओं के दौरान कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य शासन द्वारा प्रवासी मजदूरों के हितों के ध्यान में रखते हुए सीमाओं के चेक पोस्ट सहित आवागमन के लिए चिन्हित रास्तों में श्रमिकों की सहायता के लिए उचित प्रबंध किये गये हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज की सीमा भी 03 राज्यों से लगती है, श्रमिक बड़ी संख्या में इन रास्तों से गुजर रहें हैं। जिला प्रशासन द्वारा शुरू से ही श्रमिकों की हर संभव सहायता की जा रही है तथा उन्हें भोजन, पानी, चरण पादुका का वितरण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।
कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने जिले से गुजर रहे श्रमिकों की सहायता के लिए अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने चेकपोस्ट में पहुंच रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए चरण पादुका की अनिवार्य रूप से व्यवस्था करने को कहा है। जिले के सभी चेकपोस्टों में श्रमिकों के लिए भोजन, पानी तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही चरण पादुका वितरित किये जा रहे हैं। प्रवासी श्रमिक कठिनाईयों का सामना करते हुए अपने गंतव्य की ओर जा रहें हैं, गर्मी के मौसम में पांव में चप्पल न होना किसी अभिशाप से कम नहीं है। ऐसे मुश्किल समय में प्रशासन द्वारा की जा रही सहायता से उनकी दिक्कते कम हो रही हैं। वाड्रफनगर के धनवार स्थित चेकपोस्ट पर पहुंचे, प्रवासी श्रमिकों को जब चप्पल वितरित किया गया तो श्रमिकों ने भी हाथ जोड़कर प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार ककना स्थित चेकपोस्ट पर प्रशासन के सहयोग से स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा चिल-चिलाती गर्मी को देखते हुए बचाव हेतु गमछा का वितरण किया गया। गमछा कोरोना वायरस से बचाव हेतु नाक एवं मुंह ढ़ंकने के साथ ही गर्मी से भी बचने में मदद करता है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोरोना वायरस तथा गर्मी से बचाव की जानकारी दी जा रही है। शरीर में पानी की कमी न हो इसका विशेष ध्यान रखने को कहा जा रहा है। ज्ञातव्य है कि जिले से गुजरते हुए बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक झारखण्ड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश की ओर जा रहे हैं तथा अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ श्रमिक वापस भी आ रहें हैं।

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