12 मई 2020

राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोविड़-19 महामारी से सतर्क रहते हुए हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को तहस-नहस कर दिया है और विश्‍व इसके खिलाफ जंग में जुटा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि टूटना-हारना मानव को कमजोर नहीं करता और हमें सतर्क रहते हुए बचना भी है और आगे भी बढ़ना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 21वीं सदी भारत की हो, यह हमारा सपना ही नहीं, बल्कि जिम्‍मेदारी भी है। इसके लिए एक ही रास्‍ता है- भारत को आत्‍मनिर्भर बनाना।

श्री मोदी ने कहा कि यह महामारी चुनौती के साथ अवसर भी लेकर आई है। इस महामारी के आरंभ में भारत में एक भी पीपीई नहीं बनता था, लेकिन आज करीब दो लाख पीपीई रोजाना बन रही हैं। पहले एन-95 मास्‍क नाममात्र के ही बनते थे लेकिन आज लगभग दो लाख ऐसे मास्‍क प्रतिदिन बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आत्‍म निर्भर भारत के लिए एक विशेष पैकेज की भी घोषणा की। यह विशेष आर्थिक पैकेज पिछले पैकेज को जोड़कर लगभग 20 लाख करोड़ रुपए का होगा। यह भारत के सकल घरेलू उत्‍पाद-जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है। श्री मोदी ने कहा कि इस पैकेज में भूमि, श्रम, तरलता और कानूनों पर बल दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि यह पैकेज मझौले उद्योगों, मध्‍यम वर्ग और उद्योग जगत के लिए है। श्री मोदी ने कहा कि आत्‍म निर्भर अभियान के लिए सहासिक आर्थिक सुधारों पर ध्‍यान दिया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई राह मुश्किल नहीं है आज भारत में चाह भी है और राह भी है। इस तरह की संकल्‍प शक्ति ही भारत को आत्‍मनिर्भर बना सकती है। उन्‍होंने भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए पांच स्‍तंभों पर ध्‍यान देने की आवश्‍कता पर बल दिया। इनमें बुनियादी ढांचा, तकनीक पर आधारित व्‍यवस्‍था, गतिशील लोकतंत्र और मांग और आपूर्ति पर निर्भर अर्थव्‍यवस्‍था शामिल है।

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