सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा गया है कि बोगस और फर्जी सोशल मीडिया (Social Media) अकाउंट के जरिये फेक न्यूज फैलाया जा रहा है. फेक न्यूज के जरिये देश में नफरत फैलाई जा रही है. फर्जी एकाउंट के जरिये नेगेटिव खबरें भी प्रसारित की जा रही हैं. जिसे चेक करने के लिए मैकेनिज्म की जरूरत है.

जनहित याचिका में ट्विटर कंटेंट को चेक करने के लिए मैकेनिज्म बनाए जाने की मांग की गई है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि ट्विटर, फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया अकॉउंट होल्डर्स का KYC किए जाने की जरूरत है, जिससे सोशल मीडिया पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों की आसानी से पहचान की जा सके.

BJP नेता ने दायर की याचिका

यह जनहित याचिका बीजेपी नेता विनीत गोयनका ने दायर की है.

याचिका में कहा गया है कि ट्विटर और फेसबुक पर सैकड़ों की संख्या में प्रमुख हस्तियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के नाम पर फर्जी अकॉउंट हैं. ऐसे फर्जी एकाउंट के जरिये फेक खबरें फैलायी जाती हैं और लोग इनपर भरोसा भी आसानी से कर लेते हैं.

याचिका में हाल में हुए दिल्ली दंगे का हवाला देते हुए कहा गया है कि देश में ऐसे कई दंगों के पीछे फेक न्यूज बड़ी वजह होती है. याचिका में कहा गया है कि चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियां भी सोशल मीडिया पर फेक एकाउंट के सहारे अपनी छवि सुधारने और विरोधी की छवि खराब करने का काम करती हैं.

’10 फीसदी हैं फर्जी एकाउंट्स’

याचिका में कहा गया है कि देश में कुल 35 मिलियन ट्विटर एकाउंट और 350 मिलियन फेसबुक एकाउंट हैं जिनमें से 10 प्रतिशत एकाउंट डुप्लीकेट, बोगस या फेक हैं. याचिका में मांग की गई है कि ट्विटर पर देशविरोधी ट्वीट का प्रसार करने और ऐसे ट्वीट के प्रसार को जानबूझकर नहीं रोकने के लिए भारत में ट्विटर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए.

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