नई दिल्ली। मात्र 6 दिन में कोरोना वायरस के 20 हजार से ज्यादा मरीज आने से स्वास्थ्य अधिकारियों के हाथ-पैर फूले हुए हैं। आईसीएमआर वैक्सीन बनाने की ओर तेजी से आगे तो बढ़ रहा है लेकिन मरीजों की संख्या में इजाफा चिंता की वजह बना हुआ है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का हाल सबसे बुरा है। लॉक डाउन के बावजूद महाराष्ट्र में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है। कुल कोरोना पीड़ितों में से 42 फीसदी केवल महाराष्ट्र से हैं।

भारत में कोरोना वायरस के मामले 60 हजार का स्तर पार कर चुके हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है लगातार चार दिनों से 3000 से अधिक कोरोना के मामले सामने आना है। 3 मई को कोरोना के कुल मामले 40 हजार के करीब थे और महज 6 दिनों में ही ये आंकड़ा 60 हजार का स्तर पार कर गया।

सबसे बुरी हालत महाराष्ट्र की है, जहां अब मामले चार डिजिट में मिलने लगे हैं।

शनिवार को 113 लोगों की मौत होने के बाद मरने वालों की संख्या 2000 का स्तर पार कर गई है। शनिवार को मरने वालों की संख्या अब तक की दूसरी सबसे बड़ी सख्या है। शनिवार को कुल 3171 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 62,915 हो गई है। हालांकि ग्रोथ रेट घटना शुरू हो गई है। शनिवार को ये 6.8 फीसदी थी, जो दो दिन पहले 7.1 फीसदी थी।

इसमें भी सिर्फ महाराष्ट्र के 42 फीसदी लोग हैं, जहां शनिवार को 48 लोगों की मौत हुई। इसमें 27 लोगों की मौत तो सिर्फ मुंबई में हुई, वहीं 722 नए मामले सामने आए हैं। अब तक महाराष्ट्र में कुल 780 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में शनिवार को संक्रमण के 1165 नए मामले आने के बाद आंकड़ा 20 हजार का स्तर पार करते हुए 20,228 के स्तर पर पहुंच चुका है। सिर्फ मुंबई में पूरे महाराष्ट्र के करीब 65 फीसदी मामले सामने आए हैं।

महाराष्ट्र के बाद गुजरात में तेजी से कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, जहां 24 घंटों में 394 नए मामले सामने आए और 23 मौतें हुईं। वहां अब तक कुल मामले 7,797 हो चुके हैं और 472 लोगों की मौत हो चुकी है, जो देश में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। सिर्फ अहमदाबाद में ही 280 नए मामले सामने आए और 20 लोगों की मौत हुई।

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