Sunday, 14 Jun,2020

लखनऊ : जिन लोगों को कोरोना वायरस के ये हालात सबसे ख़राब लग रहे हैं वो दुआ करें कि नवंबर न आये। दरअसल, एक शोध में दावा किया गया कि कोविड 19 नवंबर आते आते अपने चरम में पहुंच जाएगा। हालात इतने बेकाबू हो जाएंगे और मरीजों की संख्या इस कदर बढ़ जायेगी की भारत में आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की कमी हो जायेगी।

लॉकडाउन ने टाला महामारी के चरम को, संक्रमण के मामले भी किये कम

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अंतर्गत गठित ऑपरेशंस रिसर्च ग्रुप के शोधकर्ताओं ने एक अध्धयन किया, जिसमें दावा किया गया कि लॉकडाउन की वजह से महामारी के चरम पर पहुंचने की स्थिति 34 से 76 दिन आगे बढ़ गयी है। ये भी बताया गया कि लॉकडाउन के कारण संक्रमण के मामलों में 69 से 97 % तक की कमी आई। ऐसे में अगर लॉकडाउन न होता तो स्थिति बहुत पहले और इसी भी ज्यादा मामलों के साथ खराब हो जाती।

नवंबर में कोरोना से मचेगी तबाही

बताया गया कि नवंबर के पहले हफ्ते में कोरोना वायरस अपने चरम पर पहुंच सकता है। संक्रमण के मामले इतने बढ़ जाएंगे के भारत के पास आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे। ऐसा करीब दो से तीन महीनों तक बना रहेगा। इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है।

सरकार के ठोस कदम महामारी के प्रभावों को कर सकते है कम

हालाँकि अध्धयन में ये भी कहा गया कि अगर सरकार ठोस कदम उठाये तो महामारी के प्रभावों को कम भी किया जा सकता है। इसके अंतर्गत अगर जन स्वास्थ्य उपायों को बढ़ाया जाये तो महामारी के असर में कमी आ सकती है। लॉकडाउन पर सरकार को पुनः विचार करने और इस दौरान जांच, उपचार व रोहियों को अलग रखने के लिए तैयारी करने पर 70 फीसदी तक कोरोना के मामलों में कमी आ सकती है।

भारत में कोरोना की वर्तमान स्थिति

बता दें कि अनलॉक लागू होने के बाद से रोजाना कोरोना के 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं पर मौतों का आंकड़ा भी काफी बढ़ गया है। फिलहाल नये आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के कुल 320,922 मामले हैं। फिलहाल 149,348 एक्टिव केस हैं। राहत की बात हैं कि अब तक कुल 162379 संक्रमित डिस्चार्ज हो चुके है। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 9195 हो गई है।

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